बंगलुरू स्थित जवाहर लाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र, जोकि जे एन सी के नाम से प्रसिद्ध है, देश के अग्रणी वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्रों में गिना जाता है| इसकी स्थापना भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मशती वर्ष अर्थात् १९८९ में भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science and Technology/DST) के द्वारा की गयी| शुरुआत में इसे भारतीय विज्ञान संस्थान (Indian Institute of Science/IISc) परिसर में ही प्रारंम्भ किया गया और फिर बाद में इसके विस्तृत परिसर का निर्माण यहाँ से लगभग १२ किमी दूर बंगलुरू-हैदराबाद राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या ७ के निकट जक्कूर नामक स्थान पर किया गया| जक्कूर स्थित जे एन सी परिसर काफ़ी शांत, मनोरम तथा अनुसंधान के लिए एकदम उपयुक्त वातावरण देता है| आई आई एस सी परिसर से जे एन सी परिसर के बीच समय समय पर संस्थान की बस सुविधा है| अभी भी आई आई एस सी परिसर में जे एन सी कार्यालय तथा जे एन सी अतिथि गृह (जवाहर विजिटर्स हाउस / जे वी एच) स्थित हैं| जे एन सी में स्थित ७ विभागों में, जिन्हें यहाँ इकाई कहते हैं, लगभग ४० प्राध्यापक तथा २०० शोधार्थी हैं| यहाँ पर शोध कार्य भौतिकी, रसायन, पदार्थ विज्ञान व जीवविज्ञान के अतिरिक्त बहुविषयक अनुसंधान पर केंद्रित है| आधारभूत सुविधाओं की दृष्टि से यह केन्द्र काफ़ी धनी है तथा अनुसंधान के लिए आवश्यक लगभग सभी मुख्य उपकरण यहाँ उपलब्ध हैं| सुप्रसिद्ध रसायन शास्त्री प्रो. सी एन आर राव के नेतृत्व में इस संस्थान ने पिछले एक दशक में काफ़ी उन्नति की है|
जे एन सी की आधिकारिक वेब साइट (हिन्दी में): http://www.jncasr.ac.in/hindi
परिसर के कुछ छाया चित्र निम्नांकित लिंक पर उपलब्ध हैं
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| जे एन सी |

December 27, 2007 at 7:03 pm |
अरे इस संस्थान के बारे में तो मुझे मालूम ही नहीं था! धन्यवाद।
December 27, 2007 at 11:28 pm |
जे.एन.सी. में पारम्परिक वनस्पतियों और औषधियों पर भी काफ़ी शोधकार्य हो रहा है । नैनो विज्ञान पर तुम्हारी बाकी पोस्ट का इन्तजार रहेगा ।
November 30, 2009 at 1:05 am |
बहुत खूब