मेरा लौंग गवाचा

रचना: पंजाबी लोकगीत
स्वर: मुसर्रत नाज़िर / नूरजहाँ

आभारोक्ति : पंजाबी भाषा के मेरे अतिसीमित ज्ञान के कारण मैंने इस गीत को लिपिबद्ध करने में अपने मित्र डा. अमित जिन्दल की सहायता ली है। उनके इस प्रयास का मैं तह-ए-दिल से शुक्रगुजार हूँ।  

पीछे पीछे औंदा मेरी चाल वेन्दा आयीं  – 2
चीरे वालेया वेखदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा
निगा मारदा आयीं  वे मेरा लौंग गवाचा

हो…ओ…ओ… आ…आ…आ…
दिल देया भैड़ैया क्यो मारना ऐ ताने वे
मिलन मैं आयी तैनु रोटी दे बहाने वे, रोटी दे बहाने वे
मिलने तां मिल नि तां रूस जांगी सदा लई
मिन्न्ताँ तू करके मनायी वे मेरा लौंग गवाचा
निगा मार दा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा

पीछे पीछे औंदा मेरी चाल वेन्दा आयीं  – 2
चीरे वालेया वेखदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा
निगा मारदा आयीं  वे मेरा लौंग गवाचा

हो…ओ…ओ… आ…आ…आ…
काहली काहली आई सी मैं टाहलियाँ दे हेठ दी
क्ढेया सी कुंढ मैं आवाज़ सुन जेठ दी
मैनू शक पैंदा मेरे नक्क चों बुढ़क के
डिग पेया हुन डूँगी थायीं  वे  मेरा लौंग गवाचा
निगा मारदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा

पीछे पीछे औंदा मेरी चाल वेन्दा आयीं  – 2
चीरे वालेया वेखदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा
निगा मारदा आयीं  वे मेरा लौंग गवाचा

हो…ओ…ओ… आ…आ…आ…
मारदा सी जदो मेरा लौंग लश्कारा वे
पिट पिट तकदा सी ओनू जग सारा वे, ओनू जग सारा वे
इक उत्ते नही मैंनु सारेआँ ते शक़ वे
सब नुकराँ ते झात्ति पायीं वे मेरा लौंग गवाचा

पीछे पीछे औंदा मेरी चाल वेन्दा आयीं  – 2
चीरे वालेया वेखदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा
निगा मारदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा

यू-ट्यूब पर वीडियो:
मुसर्रत नाज़िर की आवाज़ में

नूरजहाँ की आवाज़ में

2 Responses to “मेरा लौंग गवाचा”

  1. halchal Says:

    मुझे यह गीत समझ नहीं आता पर इसकी उमंग तो बहुत लाजवाब है।
    बहुत आकर्षक।

  2. mehhekk Says:

    beautiful song heard afer long time,thanks for posting,tussi lakh lakh dhanyawad karanga:)

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