नैनो विज्ञान और तकनीक का अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, आईकानसेट -२००८

March 1, 2008

आज चेन्नई ट्रेड सेंटर में तीन दिवसीय नैनो विज्ञान और तकनीक के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आईकानसेट -२००८ का सुखद समापन हो गया। सुखद इसलिए कि हमारे द्वारा प्रस्तुत पोस्टर को सर्वोत्तम आँका गया और १० हजार रुपये की पुरस्कार निधि से नवाज़ा गया। यह खुशी तब दो गुनी हो गयी जब इसके अतिरिक्त हमारे ग्रुप को नैनो विज्ञान के क्षेत्र में विलक्षण योगदान के लिए १० लाख रुपये कीमत का स्कैनिग टनलिंग माइक्रोस्कोप पुरस्कार स्वरूप दिया गया। यह सम्मेलन भारतीय वैज्ञानिक संस्थाओं के द्वारा दो वर्ष में एक बार आयोजित किया जाता है और लगभग कुम्भ के मेले के समान होता है। इस वर्ष इसमें करीब ३८ आमंत्रित व्याख्यानों के अतिरिक्त ३०० से अधिक पोस्टर प्रदर्शित किए गए। खैर चार-पाँच घंटे की गौरवानुभूति के बाद जब जब होश आया तो सोचा कि जबतक औरों को इसी प्रकार के पुरस्कार मिला करते थे तब यही सोचते थे कि सब पाखण्ड है और पहले से ही तय होता कि किसे सम्मानित करने में फ़ायदा है तो फ़िर आज क्या अलग हुआ। तुरंत दिमाग ने दिल को बहलाने वाला उत्तर दिया इस बार आयोजकों ने अपना कलंक मिटाने के लिए और अपने पुरस्कार की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए हम लोगों को चुना है। ठीक ही कहा है -

हमको मालूम है जन्नत की हकीक़त लेकिन,
दिल के ख़ुश रखने को ‘गालिब’ ये ख़याल अच्छा है |