स्वर: सुरय्या मुल्तानिकर
नजरिया काहे मिलाई सजना
मोरा डोले करेजवा
देखत है सारी नगरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना
जित जाऊँ उत आगे ही आये
डगर डगर मेरी मोहे सताये
मैं न जाऊँगी तुम्हरी अटरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना
मोरा डोले करेजवा
देखत है सारी नगरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना
बाज न आये छीन झपट से
उलझे नयन मोरे किस नटखट से
राखि न जाये सर पे चुनरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना
मोरा डोले करेजवा
देखत है सारी नगरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना
March 11, 2008 at 6:59 am |
आभार सुबह सुबह इस बेहतरीन प्रस्तुति का.
March 11, 2008 at 12:50 pm |
बढिया प्रस्तुति।आभार।