कैसी ये धूम मचाई रे

स्वर: बेग़म अख़्तर

कैसी ये धूम मचाई रे, रे कन्हैया

रंग छिड़कत हो… मैं तो हूँ नार पराई रे

कैसी ये धूम मचाई…

2 Responses to “कैसी ये धूम मचाई रे”

  1. Nitin Bagla Says:

    बेहतरीन…क्या खूब धूम मचाई है।

  2. प्रियंकर Says:

    आनन्दम! आनन्दम!

Leave a Reply