तू लाख चले रे गोरी थमथम के

स्वर: इक़बाल बानो

तू लाख चले रे गोरी थमथम के
पायल में गीत हैं छमछम के

तू पिया से मिलकर आयी है
बस आज से नींद परायी है
देखेगी सपने बालम के

ये जीवन भर का रोग सखी
तोहे पगली कहेंगे लोग सखी
याद आयेंगे वादे बालम के

मैनें भी किया था प्यार कभी
आयी थी यही झनकार कभी
अब गीत मैं गाती हूँ ग़म के

3 Responses to “तू लाख चले रे गोरी थमथम के”

  1. mehek Says:

    sundar

  2. Atul Kumar Says:

    बहुत बढिया.

  3. Isht Deo Sankrityaayan Says:

    बढिया.

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