स्वर: इक़बाल बानो
तू लाख चले रे गोरी थमथम के
पायल में गीत हैं छमछम के
तू पिया से मिलकर आयी है
बस आज से नींद परायी है
देखेगी सपने बालम के
ये जीवन भर का रोग सखी
तोहे पगली कहेंगे लोग सखी
याद आयेंगे वादे बालम के
मैनें भी किया था प्यार कभी
आयी थी यही झनकार कभी
अब गीत मैं गाती हूँ ग़म के
April 12, 2008 at 11:07 am |
sundar
April 12, 2008 at 4:00 pm |
बहुत बढिया.
April 12, 2008 at 5:00 pm |
बढिया.