बाँध कंगनवा पकड़ी बइयाँ
स्वर: नय्यारा नूर
बाँध कंगनवा पकड़ी बइयाँ उबटन खेलन हारे
अबीर गुलाल कुसुम और केसर भर-भर लई पिचकारी
रिमझिम-रिमझिम मेघा बरसे महक उठी फुलवारी
स्वर: नय्यारा नूर
बाँध कंगनवा पकड़ी बइयाँ उबटन खेलन हारे
अबीर गुलाल कुसुम और केसर भर-भर लई पिचकारी
रिमझिम-रिमझिम मेघा बरसे महक उठी फुलवारी
April 30, 2008 at 5:01 am
आनन्द आ गया सुन करके. आभार, इसे पेश करने का.
April 30, 2008 at 5:35 am
मधुर गीत सुनवाने के लिये आपका शुक्रिया –
April 30, 2008 at 1:31 pm
उम्दा पेशकश…. शुक्रिया