स्वर: फ़रीदा ख़ानुम
सजन लागी तोरी लगन मन मा
लाज मोहे आये हाय रे हाय
लगायी तेने कैसी लगन मन मा
हर आहट पर धड़के मनवा
छनके पायल मोरी खनके कंगनवा
तोरे बिन रसिया मोरे मन बसिया
पल पल होवे चुभन मन मा
मिलने की रैना महके सजरिया
सौतन द्वारे जइयो न सँवरिया
जल जल जाये सौतन घरवा
सजन लागी तोरी…
May 11, 2008 at 10:04 pm |
वाह, बहुत खूब. आभार इस प्रस्तुति का.