मैं ने समझा था कि तू है तो दरख़्शाँ है हयात
तेरा ग़म है तो ग़म-ए-दहर का झगड़ा क्या है
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात
तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है (2)
तू जो मिल जाये तो तक़दीर निगूँ हो जाये
यूँ न था मैं ने फ़क़त चाहा था यूँ हो जाये
और भी दुःख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा
राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा
(दरख़्शाँ == रोशन, हयात == ज़िन्दगी, ग़म-ए-दहर == दुनिया भर के ग़म, आलम == दुनिया, सबात == स्थिरता, निगूँ == झुकना, फ़क़त == सिर्फ, वस्ल == मुलाकात)
मुझ से पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न माँग
अनगिनत सदियों के तारीक बहीमाना तलिस्म
रेशम-ओ-अतलस-ओ-कमख़्वाब में बुनवाये हुये
जा-ब-जा बिकते हुये कूचा-ओ-बाज़ार में जिस्म
ख़ाक में लिथड़े हुये ख़ून में नहलाये हुये
जिस्म निकले हुये अमराज़ के तन्नूरों से
पीप बहती हुई गलते हुये नासूरों से
लौट जाती है उधर को भी नज़र क्या कीजे
अब भी दिलकश है तेरा हुस्न मगर क्या कीजे
और भी दुःख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा
राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा
(तारीक == अंधेरा, बहीमाना == डरावना, तलिस्म == जादू, अतलस == साटन का कपड़ा, कमख़्वाब == जरीदार वस्त्र, जा-ब-जा == जगह-जगह, अमराज़ == घाव, तन्नूर == भट्ठी)
आभारोक्ति : पंजाबी भाषा के मेरे अतिसीमित ज्ञान के कारण मैंने इस गीत को लिपिबद्ध करने में अपने मित्र डा. अमित जिन्दल की सहायता ली है। उनके इस प्रयास का मैं तह-ए-दिल से शुक्रगुजार हूँ।
पीछे पीछे औंदा मेरी चाल वेन्दा आयीं – 2
चीरे वालेया वेखदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा
निगा मारदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा
हो…ओ…ओ… आ…आ…आ…
दिल देया भैड़ैया क्यो मारना ऐ ताने वे
मिलन मैं आयी तैनु रोटी दे बहाने वे, रोटी दे बहाने वे
मिलने तां मिल नि तां रूस जांगी सदा लई
मिन्न्ताँ तू करके मनायी वे मेरा लौंग गवाचा
निगा मार दा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा
पीछे पीछे औंदा मेरी चाल वेन्दा आयीं – 2
चीरे वालेया वेखदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा
निगा मारदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा
हो…ओ…ओ… आ…आ…आ…
काहली काहली आई सी मैं टाहलियाँ दे हेठ दी
क्ढेया सी कुंढ मैं आवाज़ सुन जेठ दी
मैनू शक पैंदा मेरे नक्क चों बुढ़क के
डिग पेया हुन डूँगी थायीं वे मेरा लौंग गवाचा
निगा मारदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा
पीछे पीछे औंदा मेरी चाल वेन्दा आयीं – 2
चीरे वालेया वेखदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा
निगा मारदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा
हो…ओ…ओ… आ…आ…आ…
मारदा सी जदो मेरा लौंग लश्कारा वे
पिट पिट तकदा सी ओनू जग सारा वे, ओनू जग सारा वे
इक उत्ते नही मैंनु सारेआँ ते शक़ वे
सब नुकराँ ते झात्ति पायीं वे मेरा लौंग गवाचा
पीछे पीछे औंदा मेरी चाल वेन्दा आयीं – 2
चीरे वालेया वेखदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा
निगा मारदा आयीं वे मेरा लौंग गवाचा