April 26, 2008
स्वर: सुरय्या मुल्तानिकर
भूले से भी कोई यहाँ कह दो के न लगाये दिल
एक हँसी के वास्ते शाम-ओ-सहर रुलाये दिल
हम में नहीं ये हौसला, हमसे कहा न जायेगा
अश्कों से पूछिये अगर सुनना हो माजरा-ए-दिल
झूठी कसम न खाइये जाइये कर लिया यकीं
तुममें कुछ ऐसी बात है हर बात भूल जाये दिल
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कला और संगीत, सुरय्या मुल्तानिकर |
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Posted by अंकुर वर्मा
March 11, 2008
स्वर: सुरय्या मुल्तानिकर
नजरिया काहे मिलाई सजना
मोरा डोले करेजवा
देखत है सारी नगरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना
जित जाऊँ उत आगे ही आये
डगर डगर मेरी मोहे सताये
मैं न जाऊँगी तुम्हरी अटरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना
मोरा डोले करेजवा
देखत है सारी नगरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना
बाज न आये छीन झपट से
उलझे नयन मोरे किस नटखट से
राखि न जाये सर पे चुनरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना
मोरा डोले करेजवा
देखत है सारी नगरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना
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Posted by अंकुर वर्मा