नजरिया काहे मिलाई सजना

स्वर: सुरय्या मुल्तानिकर

नजरिया काहे मिलाई सजना
मोरा डोले करेजवा
देखत है सारी नगरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना

जित जाऊँ उत आगे ही आये
डगर डगर मेरी मोहे सताये
मैं न जाऊँगी तुम्हरी अटरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना
मोरा डोले करेजवा
देखत है सारी नगरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना

बाज न आये छीन झपट से
उलझे नयन मोरे किस नटखट से
राखि न जाये सर पे चुनरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना
मोरा डोले करेजवा
देखत है सारी नगरिया
नजरिया काहे मिलाई सजना

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2 Responses to नजरिया काहे मिलाई सजना

  1. समीर लाल कहते हैं:

    आभार सुबह सुबह इस बेहतरीन प्रस्तुति का.

  2. paramjitbali कहते हैं:

    बढिया प्रस्तुति।आभार।

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