वैलेन्टाइन्स डे: लव सेना की सुरक्षा में

यदि इस वैलेन्टाइन डे पर प्रेमी युगल और प्रेमी एकल राम सेना या अन्य किसी समान विचारधारा के तथाकथित नैतिक मूल्यों के ठेकेदारों से भयभीत होकर अपने प्रेम की बलि देने का मन बना रहे हों तो उनके लिये लिये आशा की एक नयी किरण ले कर आयी है लव सेना। लव सेना आपको वैलेन्टाइन्स डे और जब कभी भी आपको इस प्रकार के किसी खतरे की आशंका होगी, सम्पूर्ण सुरक्षा प्रदान करेगी। यदि आपको लव सेना की काबिलियत पर शक हो तो इतिहास के पन्ने पलट कर देखिये कि किस प्रकार लव और कुश ने अश्वमेघ यज्ञ के दौरान राम सेना का अकेले ही मुकाबला करके उसे पछाड़ दिया था। लव सेना की सुरक्षा में सभी प्रेमी गण निश्चिन्त होकर सन्त वैलेन्टाइन के प्यार के संदेश को विश्व भर में फैला सकते हैं। नफ़रत और बदले की भावना से भरी आज इस दुनिया में आवश्यकता है एक दूसरे से प्रेम करने की और दूसरे के प्रेम को फलता फूलता देख प्रसन्न होने की। लव सेना इसी सोच वाले कुछ कुन्ठामुक्त युवकों का एक समाज सेवी दल है जो आशा करता है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ेंगे और इस सोच को विश्व व्यापित करने प्रयत्न करेंगे। आज हमारा समाज कई बुराइयों से ग्रसित है पर उनका निवारण भय से कदापि सम्भव नहीं है। मनुष्य को खूँटे से बाँधकर या कमरे में बन्द करके नहीं बदला जा सकता है आवश्यकता है उसे अच्छे बुरे की समझ प्रदान करने की और फिर यह निर्णय उस पर छोड़ देने की कि क्या सही है और क्या गलत। मनुष्य और पशु में यही अन्तर है।

लव सेना हम सबके मन में उपस्थित है, आवश्यकता है तो बस उसे जगाने की।

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3 Responses to वैलेन्टाइन्स डे: लव सेना की सुरक्षा में

  1. alpana कहते हैं:

    bahut shai likha hai aap ne..आज हमारा समाज कई बुराइयों से ग्रसित है पर उनका निवारण भय से कदापि सम्भव नहीं है। मनुष्य को खूँटे से बाँधकर या कमरे में बन्द करके नहीं बदला जा सकता है आवश्यकता है उसे अच्छे बुरे की समझ प्रदान करने की और फिर यह निर्णय उस पर छोड़ देने की कि क्या सही है और क्या गलत। sahmat hain is baat se.

  2. हिमांशु कहते हैं:

    लव की भी सेना बना ही ली.

  3. raj singh कहते हैं:

    AAj pyar ke din par pyar se pyar vare sabdo me pyar par kuchh baya karta hu.
    U pyar to ek sukhad anuvati hai.pyar hi wo vabna hai jo hame manavta sikhati hai.ek dusare ke karib lati hai.pyar ke badolat na sirf manusayo walki pasu pakshio ka dil v jeeta ja sakta hai.vastutah pyar mahaj bipritlingi aakarsan janit rog nahi var nahi valki pyar ka dayara kafi vayapak aur vistrit hai. kavi gandhi subhas jaise jaise log des se pyar karte the,mother teresa kodhio se pyar karti thi.eatana hi nahi kisi jamane me sidharth(mahatma budh) ghayal hans jaise muk panchhio se pyar karte the, bahuguna paryawaran se pyar karte the………………….
    Ha kabhi,kabhi krishn ki tarah radha se to kabhi kabhi romio ki bhati juliate se pyar kiya ja sakta hai.eas tarah hum kah sakte hai ki jeevan ke kan kan me pyar hai.pyar kar hum jindgi ko sahi tarike se jee sakte hai.Aur sayad jindgi jeene ka sahi aur viswasniy tarika v yehi hai.

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